Saturday, 27 April 2013
Saturday, 6 April 2013
Wednesday, 3 April 2013
CODE NAME COMET - Super Comondo Dhruv Comics Free Download
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2520-H |
| Language: Hindi |
| Author: Mandar Gangele |
| Penciler: Hemant |
| Inker: Esswar Arts |
| Colorist: Shadab |
| Pages: 80 |
| ध्रुव की बहन श्वेता जब अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद राजनगर लौटी तो जैसे उसके सिर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा! उसका प्यारा भाई ध्रुव एक हादसे का शिकार हो कर मृत्यु को प्राप्त हो चुका था! एक परिवार ने अपना पुत्र खो दिया था तो राजनगर खो चुका था अपना रक्षक! दूसरी तरफ दुनिया के दूसरे कोने में एक रक्षक लड़ रहा है अपने आप से अपने अस्तित्व की खोज में क्या वह खोज पाएगा अपना अस्तित्व या उसे सदा के लिए जीना होगा एक कोड नेम के साथ! |
| Rs 50.00 Rs 45.00 You Save: 10.00% Free Download Link : http://www.mediafire.com/CODE_NAME_COMET |
RAVAN DOGA - Doga Comics Free Download
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2519-H |
| Language: Hindi |
| Author: Tarun Kumar Wahi |
| Penciler: Siddarth Pawar |
| Inker: Sanjeev Sharma |
| Colorist: N/A |
| Pages: 48 |
| मुंबई का रक्षक डोगा जिसने हमेशा ही अपने विवेक से अपराधियों को चुन- चुन के सजा दी आज उसी डोगा ने एक अध्यात्मिक गुरु, एक मानसिक चिकित्सक बाबा और मुंबई के मुख्यमंत्री को सरेआम गोलियों से भून डाला! क्या डोगा की विवेकशीलता भ्रष्ट हो गई है? क्योंकि इतने अनाचार के पश्चात भी नहीं रुका डोगा और उसने कर लिया देवी सरीखी कौशल्या माँ का हरण! उसके इस अत्याचार से त्रस्त मुम्बईवासी इस दशहरे पर जलाना चाह रहे हैं रावण डोगा का पुतला! |
| Rs 30.00 Rs 27.00 You Save: 10.00% |
BHOKAL DIGEST 2 - Raj Comics Free Download
| Format: Printed |
| Issue No: DGST-0081-H |
| Language: Hindi |
| Author: Sanjay Gupta |
| Penciler: Kadam Studio, Jaswant Singh Nar |
| Inker: N/A |
| Colorist: N/A |
| Pages: 128 |
| अतिक्रूर और गजोख-340 तिलिस्मी ओलम्पाक तोड़ कर अपने कर्तव्य को पूरा करने और गजोख से बदला लेने महाबली अतिक्रूर जब भुजंग देश पहुंचा तो धोखे से गजोख और गजानन ने उसका दंताक छीन लिया! अब बिना दंताक के अतिक्रूर कैसे जीत पाएगा ये संग्राम? विकांडा-345 विकासनगर में आतंक बन कर छाया एक चोर विकांडा जो एक-एक करके गायब कर रहा है राजकोष के बहुमूल्य रत्न! सारी सुरक्षा के बावजूद चोर अपना काम करके निकल जाता है और जब भोकाल और उसके साथियों के सामने आया उस चोर विकांडा का रहस्य तो हैरान रह गए वो लोग उसे देख कर! आखिर क्या था ये रहस्य? सबसे बड़ा हत्यारा-355 जुफार ग्रह के राजा कागा ने अतिक्रूर की नई नवेली दुल्हन पीकू पकोडिया को मार कर उसका शव कर दिया गायब और तीनों वीर भोकाल, शुतान और अतिक्रूर को दे दी जुफार ग्रह आने की चुनौती! और जब तीनों योद्धा जुफार ग्रह पहुंचे तो उनका सामना हुआ एक से बढ़ कर एक दरिंदे हत्यारों से! क्योंकि जुफार ग्रह पर चल रही थी सबसे बड़ा हत्यारा प्रतियोगिता जिसका विजेता वही बनता जो लाता भोकाल, शुतान और अतिक्रूर के शव! पीकू पकोडिया-360 राजा कागा की चुनौती पर पीकू का शव लाने और उसकी मौत का बदला लेने के लिए जुफार ग्रह पहुंचे भोकाल, शुतान और अतिक्रूर जहां चल रही थी ‘सबसे बड़ा हत्यारा’ प्रतियोगिता! सारे हत्यारे को मौत के घाट उतार कर जब तीनों महाबली पहुंचे राजा कागा का सिर कलम करने तो उनके सामना हुआ एक आश्चर्य से जिसे देख कर तीनों के होश उड़ गए! |
| Rs 80.00 Rs 72.00 You Save: 10.00% |
NAGRAJ DIGEST 12 - Raj Comics Free Download
Format: Printed |
| Issue No: DGST-0085-H |
| Language: Hindi |
| Author: Sanjay Gupta |
| Penciler: Pratap Mulick |
| Inker: N/A |
| Colorist: N/A |
| Pages: 192 |
| नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव- 01-दुनिया पर हुकुमत करने के इरादे से मिस किलर ने सभी सुपर हीरोज को बंदी बना लिया और पूरे राजनगर पर तेजाबी बारिश करके मासूम लोगों में दहशत फैला दी। नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव ने इस खतरनाक जापानी सुंदरी से टकराने के लिए मिलाए हाथ। मिस किलर ने हर मोड़ पर इनके लिए मौत का सामान जुटा रखा था और अपने हर कदम के साथ ये दोनों उसके शिकंजे में फंसते जा रहे थे। क्या नागराज की नागशक्तियां और ध्रुव का तेज दिमाग इस जाल को सुलझा पाएंगे? नागराज और नगीना का जाल- 05- सदियों से नागद्वीप में कैद नागतंत्रिका नगीना और उसके साथी भागकर जा मिले हैं किंग कोबरा से। नशे का व्यापारी किंग कोबरा नागराज के एक अंजान दुश्मन के साथ मिलकर बना रहा है जहरीली मौत जो नशा बनकर आम लोगों तक पहुँच रही है। तब नागराज इन खूनी दरिंदों का रास्ता रोकता है। नागराज की दखलंदाजी से परेशान किंग कोबरा नागराज की मौत का जिम्मा सौंपता है नागतंत्रिका नगीना को। नगीना नागराज के इर्दगिर्द बुनती है अपना तंत्रजाल जो नागराज को मौत देना चाहती है! पर इसबार नागराज अकेला नहीं है! उसका साथ दे रहे हैं नागद्वीप के पांच सर्वश्रेष्ठ इच्छाधारी नाग नागार्जुन, सर्पराज, सिंहनाग, नागप्रेती और नागदेव! क्या ये सब महारथी मिलकर तोड़ पाएंगे नगीना का जाल? नागराज और बुगाकू- 08- थोडांगा और मिस किलर ने मिलकर बिछाया मौत का जाल। उन्होंने तैयार किया जापानी नृत्यकला का एक पात्र बुगाकू को जो कुंगफू के हर हुनर में माहिर था। बुगाकू के पास थी नागलोक का शक्ति खड्ग जिसके सामने प्रतिद्वंद्वी बेबस होकर रह जाता है। बुगाकू ने अपने शक्तिखड्ग की मदद से कर लिया नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव का अपहरण! अब ये दोनों हीरोज बेबस पड़े हैं थोडांगा और मिस किलर के सामने और बुगाकू देने वाला है उनको एक भयानक मौत! |
| Rs 120.00 Rs 108.00 You Save: 10.00% |
D - Raj Comics New Set March 2013
| Format: Printed |
| Issue No: PCB-0004 |
| Language: English |
| Author: ANIRUDDHA MAHALE |
| Penciler: |
| Inker: |
| Colorist: |
| Pages: 248 |
| This is not a story. It might be long, and have chapters. It might even appear like one—with a beginning, and an end, and also a middle, but it still isn't one. It is a journey. It begins in early 2003, where fate throws destiny D—a spunky and spontaneous teenage girl, and the author A—a mumbling socially awkward prepubescent young boy, involuntarily together over a chance meeting at a café. But as all non-stories go, what begins as one impulsive-yet-hurried meal expands into more than a decade’s worth of meetings, musings and repartees. Rest as they say, is history. It’s a thrilling adventure of two people and the challenging travails of growing up, following heart-to-heart conversations between D and A, as they talk about the past, the present and the future over cups of coffee and accompanying croissants, exploring everything that floats around in this universe, allowing us to tag along with them in their journey and slowly diffuse in their lives. |
| Rs 100.00 Rs 75.00 You Save: 25.00% |
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