| VEERGATI |
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2524-H |
| Language: Hindi |
| Author: Nitin Mishra |
| Penciler: Hemant |
| Inker: Eeshwar Arts |
| Colorist: Shadab Siddiqui |
| Pages: 80 |
| मानव जाति और इच्छाधारी नाग जाति को इश्वर के श्राप से बचाने के लिए नागराज ने अपने जीवन की आहुति दे डाली और इस तरह इस महान योद्धा ने प्राप्त की वीरगति| |
| Rs 50.00 Rs 45.00 You Save: 10.00% |
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Wednesday, 19 June 2013
VEERGATI - Nagraj Comics Free Download
Wednesday, 3 April 2013
NAGRAJ DIGEST 12 - Raj Comics Free Download
Format: Printed |
| Issue No: DGST-0085-H |
| Language: Hindi |
| Author: Sanjay Gupta |
| Penciler: Pratap Mulick |
| Inker: N/A |
| Colorist: N/A |
| Pages: 192 |
| नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव- 01-दुनिया पर हुकुमत करने के इरादे से मिस किलर ने सभी सुपर हीरोज को बंदी बना लिया और पूरे राजनगर पर तेजाबी बारिश करके मासूम लोगों में दहशत फैला दी। नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव ने इस खतरनाक जापानी सुंदरी से टकराने के लिए मिलाए हाथ। मिस किलर ने हर मोड़ पर इनके लिए मौत का सामान जुटा रखा था और अपने हर कदम के साथ ये दोनों उसके शिकंजे में फंसते जा रहे थे। क्या नागराज की नागशक्तियां और ध्रुव का तेज दिमाग इस जाल को सुलझा पाएंगे? नागराज और नगीना का जाल- 05- सदियों से नागद्वीप में कैद नागतंत्रिका नगीना और उसके साथी भागकर जा मिले हैं किंग कोबरा से। नशे का व्यापारी किंग कोबरा नागराज के एक अंजान दुश्मन के साथ मिलकर बना रहा है जहरीली मौत जो नशा बनकर आम लोगों तक पहुँच रही है। तब नागराज इन खूनी दरिंदों का रास्ता रोकता है। नागराज की दखलंदाजी से परेशान किंग कोबरा नागराज की मौत का जिम्मा सौंपता है नागतंत्रिका नगीना को। नगीना नागराज के इर्दगिर्द बुनती है अपना तंत्रजाल जो नागराज को मौत देना चाहती है! पर इसबार नागराज अकेला नहीं है! उसका साथ दे रहे हैं नागद्वीप के पांच सर्वश्रेष्ठ इच्छाधारी नाग नागार्जुन, सर्पराज, सिंहनाग, नागप्रेती और नागदेव! क्या ये सब महारथी मिलकर तोड़ पाएंगे नगीना का जाल? नागराज और बुगाकू- 08- थोडांगा और मिस किलर ने मिलकर बिछाया मौत का जाल। उन्होंने तैयार किया जापानी नृत्यकला का एक पात्र बुगाकू को जो कुंगफू के हर हुनर में माहिर था। बुगाकू के पास थी नागलोक का शक्ति खड्ग जिसके सामने प्रतिद्वंद्वी बेबस होकर रह जाता है। बुगाकू ने अपने शक्तिखड्ग की मदद से कर लिया नागराज और सुपर कमांडो ध्रुव का अपहरण! अब ये दोनों हीरोज बेबस पड़े हैं थोडांगा और मिस किलर के सामने और बुगाकू देने वाला है उनको एक भयानक मौत! |
| Rs 120.00 Rs 108.00 You Save: 10.00% |
Thursday, 24 May 2012
YUGAL SHRISHTI - Amaging Friends Of Nagraj Free
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2458-H-EC |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Siddharth panwar |
| Inker: Gaurav Shrivastava |
| Colorist: Shadab |
| Pages: 24 |
| कालदूत से प्रेम करने वाली सर्प संज्ञा, सर्प गंधा और सर्प प्रिया ने प्रतिशोध स्वरुप कालदूत की संधि को विच्छेद कर दिया| अब उनके प्रेम के बीच कोई दीवार बाकी ना थी| अपने युगों युगों के प्रेम के साथ सुखमय जीवन बिताने के लिए तीनों महानागिनों ने किया एक और स्वर्ग का निर्माण किन्तु इस नए स्वर्ग ने खड़ी कर दी सम्पूर्ण सृष्टि के सामने तबाही की विभीषिका| क्या कर्तव्य पुरुष कालदूत इस तबाही को रोकेंगे या अपनी इन महा क्रोधिनी प्रेमिका नागिनों के साथ स्वर्ग का आनंद उठाएंगे| |
| Rs 20.00 Rs 12.00 You Save: 40.00% |
Free Download Link :http://www.mediafire.com/?5spv2e3c8ftfzzl
Wednesday, 23 May 2012
Sunday, 20 May 2012
Adhura Prem - Amaging Friends Of nagraj Free Download
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2381-H |
| Language: Hindi |
| Author: |
| Penciler: |
| Inker: |
| Colorist: |
| Pages: 24 |
| Rs 20.00 Rs 17.00 You Save: 15.00% |
Kahani hai Saudangi ke uss adhoore pyaar ki jo pichle janam se related hai..aur iss janam se bhi...
story achchi hai...artwork ok type hai.
story achchi hai...artwork ok type hai.
Dev Kanya - Amaging friends of Nagraj Free Download
| Format: {link}eComics{/link} |
| Issue No: SPCL-2437-H-EC |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Dildeep |
| Inker: Sagar Thapa |
| Colorist: Mohan Prabhu |
| Pages: 24 |
| मिस्र के पिरामिडों की इच्छाधारी नागिन सोडांगी के पूर्व जन्म और पिरामिडों के रहस्यों की एक अनोखी दास्तान| |
Thursday, 17 May 2012
Monday, 13 February 2012
Pagal Nagin - Amaging Friend of Nagraj free download
| Format: {link}eComics{/link} |
| Issue No: SPCL-2431-H-EC |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Narayan, Jang Bahadur |
| Inker: Narayan, Sagar Thapa |
| Colorist: Suresh, Sunil |
| Pages: 48 |
| नाराज विसर्पी के नजदीक जाने के लिए नागराज डाकू कोबराक का छदम वेश धरता है.विसर्पी उसका यह भेद जान जाती है और नागराज को कोबराक के वेश में मन ही मन स्वीकार कर लेती है. दोनों ही एक दूसरे लुका छिपी का खेल खेलने लग जाते हैं. लेकिन यही खेल एक भयानक मोड़ ले लेता है तब जब एक शैतान कोबराक का वेश धर कर पहुंचता है विसर्पी के पास. इस खेल का रोमांच तब अपने चरम पर पहुँचता है जब कोबराक की मौत से पागल हुई नाग मानवी विसर्पी अपने नाग की मौत का बदला लेने के लिए ढूंढने निकलती है उसके हत्यारे नागराज को. अब मौत की तराजू के एक पलड़े में है विसर्पी की जिंदगी और दूसरे पलड़े मैं है नागराज की जिंदगी. इसी मृत्यु जंग पर आधारित है पागल नागिन. |
| Rs 30.00 Rs 18.00 You Save: 40.00% |
Friday, 13 January 2012
Kobrak - Amaging Friend of nagraj free download
| Format: {link}eComics{/link} |
| Issue No: SPCL-2431-H-EC |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Narayan, Jang Bahadur |
| Inker: Narayan, Sagar Thapa |
| Colorist: Suresh, Sunil |
| Pages: 48 |
| नाराज विसर्पी के नजदीक जाने के लिए नागराज डाकू कोबराक का छदम वेश धरता है.विसर्पी उसका यह भेद जान जाती है और नागराज को कोबराक के वेश में मन ही मन स्वीकार कर लेती है. दोनों ही एक दूसरे लुका छिपी का खेल खेलने लग जाते हैं. लेकिन यही खेल एक भयानक मोड़ ले लेता है तब जब एक शैतान कोबराक का वेश धर कर पहुंचता है विसर्पी के पास रोमांच तब अपने चरम पर पहुँचता है. |
| Rs 30.00 Rs 18.00 You Save: 40.00% |
Saturday, 10 December 2011
Thursday, 8 December 2011
AADAM - Nagraj Comics Free Downlaod
Like it? Buy it...save the comic industry...spread the passion.. This comic is brought to you by rcb and uploaded by Devesh
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2475-H |
| Language: Hindi |
| Author: Anupam Sinha, Jolly Sinha |
| Penciler: Anupam Sinha |
| Inker: Vinod Kumar |
| Colorist: Shadab Siddqui |
| Pages: 80 |
| आदम # 2475 हथियार नहीं, सिर्फ हाथ...कहती है वह शक्ति जिसके कारण कभी कालदूत को बनना पड़ा था एक महायोद्धा और आज नागराज को बनना होगा महायोद्धा! क्योंकि कालदूत इसे जीने नहीं देगा और नागराज इसे मरने नहीं देगा! आखिर ऐसा है क्या इस शक्ति में जो अपने आपको कहता है...आदम! |
| Rs 50.00 Rs 42.50 You Save: 15.00% |
Free Download Link : http://www.mediafire.com/?d3zeb09kmbgzyym
Hello Friends, here's a place where you'l get all the comics you missed out on, from nagraj, dhruv, doga to chacha chaudhary, pinki,Hawaldar bahadur,Ram-Rahim,aakrosh,Toofan,Gold heart,tinkle and amar chitra katha and so on... over 4k uploaded comics. Special weekly Fests. Of Superheroes where u get there memorable comics and other stuff.FInd every uploaded hindi comic here . New uploads every day , best quality uploaders and exclusive request threads Just spreading the word to bring old passion back! Join the only Raj Comics Books. R.C.B. - Raj Comics Books-Indian Comics Collection.
Wednesday, 14 September 2011
ABHISHAPT - Nagraj, Doga Aur Bhediya Comics Free Download
| |
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2425-H |
| Language: Hindi |
| Author: Sanjay Gupta/Tarun Kumar Wahi |
| Penciler: Hemant |
| Inker: Jagdeesh |
| Colorist: Shadab/Sunil |
| Pages: 80 |
| देवराज इन्द्र ने बनाया था उसे उत्परिवर्ती यानि की Mutant. उसकी दहशत से कांप उठी थी धरती. तब देवराज इन्द्र की वज्र शक्ति ने उसे मृत्यु दी. लेकिन उसकी शक्तियां फिर जाग उठीं. कुछ लोगों को मिल गयी हें वो अतिशाक्तियाँ. जिन्हें वो वरदान मान बेठे, लेकिन वो अतिशाक्तियाँ बनने जा रही हें अभिशाप. जो समझ बेठे थे खुद को शक्तिमान अब साबित हो रहे हें अभिशप्त. क्या अतिशाक्तियाँ वरदान हें या हें अभिशाप? क्या नागराज डोगा और भेड़िया भी हें अभिशप्त? इस सवाल पर दुनिया उनके विरुद्ध होने जा रही हे क्योंकि अब हर पृथ्वीवासी बन रहा हे Mutant यानी उत्परिवर्ती यानी अभिशप्त. |
| Rs 50.00 Rs 42.50 You Save: 15.00% |
Free Download Link : http://www.mediafire.com/?qolfjk8jyt2qktw
Ambreesh - Amaging Friends Of Nagraj Free Download
| Format: Printed |
| Issue No: SPCL-2426-H |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Narayan |
| Inker: Narayan |
| Colorist: Sunil |
| Pages: 24 |
| नाग वीरांगना विसर्पी की एक और अग्निपरीक्षा बन कर आया एक ऐसा योधा जिसने अमर होने के लिए जो चाल चली वही उसकी मृत्यु का कारण बनी. |
| Rs 20.00 Rs 17.00 You Save: 15.00% |
Free Download Link :http://www.mediafire.com/?kph0pcixhbf8pyn
Monday, 12 September 2011
Fairo - Amaging friend of nagraj free download

| FAIRO |
| Format: {link}eComics{/link} |
| Issue No: SPCL-2427-H-EC |
| Language: Hindi |
| Author: Vivek Mohan |
| Penciler: Sushant Panda |
| Inker: Sushant Panda |
| Colorist: Basant Panda |
| Pages: 24 |
| जन्म जन्मान्तर से नागराज के प्रेम की दीवानी सोडांगी करने जा रही है फैरो से विवाह. इस विवाह का सबसे बड़ा दुश्मन बना है नागराज. नागराज के प्रतिरोध करने पर सोडांगी ने महासर्प एपोफिस को जगा दिया है नागराज को देने के लिया मृत्युदंड. |
| Rs 20.00 Rs 12.00 You Save: 40.00% |
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